कोविड -19 के आर्थिक झटके से बिजली की मांग 7-17 फीसदी तक घट सकती है: टेरी रिपोर्ट

July 21, 2020

COVID-19

TERI द्वारा जारी की गई एक नई रिपोर्ट में इस बात पर रौशनी डाली गई है कि साल 2025 तक कोरोनोवायरस महामारी के आर्थिक प्रभावों का असर बिजली की मांग पर किस तरह पड़ेगा। भारत में बिजली जैसे प्रमुख क्षेत्र के भविष्य पर COVID-19 के प्रभाव को समझने के लिए किया गया यह पहला अध्ययन है।

नई दिल्ली, 21 जुलाई: भारत में कोविड-19 से लगने वाले आर्थिक झटके के कारण साल 2025 तक बिजली की मांग में 7 से 17 फीसदी की कमी होने की उम्मीद है। दूसरे शब्दों में, अगर कोविड-19 के कारण आर्थिक झटका नहीं लगता तो बिजली की मांग में ये कमी दर्ज नहीं की जाती। इस संक्रमण के व्यापक संभावित नतीजों ने आर्थिक सुधार की रफ़्तार को लेकर घोर अनिश्चितता पैदा कर दी है।

इस केंद्रीय परिदृश्य में, बिजली की मांग वृद्धि में कमी का असर सभी राज्यों पर पड़ेगा। TERI की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 10 सबसे बड़े बिजली खपत वाले राज्यों में बिजली की मांग COVID-19 के कारण आए आर्थिक झटके से सामान्य से 5-15 फीसदी कम होने की उम्मीद है।

'बेन्डिंग द कर्व: 2025 फोरेकास्ट्स फॉर इलेक्ट्रिसिटी डिमांड बाय सेक्टर एंड स्टेट इन द लाइट ऑफ़ द कोविड एपिडेमिक' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के साथ-साथ 'रिन्यूएबल पावर पाथवेज़: मॉडलिंग द इंटीग्रेशन ऑफ़ विंड एंड सोलर इन इंडिया बाय 2030' रिपोर्ट भी मंगलवार को श्री आरके सिंह, माननीय राज्य मंत्री (आईसी) बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा, और राज्य मंत्री, कौशल विकास और उद्यमिता, भारत सरकार, द्वारा लॉन्च की गयी।

रिपोर्ट लॉन्च के बाद, इस विषय के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई। ये रिपोर्ट 'वर्चुअल सस्टेनेबल एक्शन डायलाग ऑन एनर्जी ट्रांजीशन' का हिस्सा थी जिसका आयोजन टेरी के प्रमुख वार्षिक इवेंट वर्ल्ड सस्टेनेबल डेवलपमेंट समिट (WSDS) के पूर्व आयोजन के रूप में किया गया। इस वार्षिक इवेंट WSDS का आयोजन फरवरी 2021 में किया जाएगा।

हालाँकि मंत्री ने कहा, "लॉकडाउन के बावजूद भारत इस क्षेत्र में रिकवरी के रास्ते पर हैं। मुझे मांग पर कोई दीर्घकालिक प्रभाव नही दिख रहा है, वृद्धि धीमी गति से होगी लेकिन वृद्धि अपनी गति पर वापस आ जाएगी।"

रिपोर्ट "बेन्डिंग द कर्व: 2025 फोरेकास्ट्स फॉर इलेक्ट्रिसिटी डिमांड बाय सेक्टर एंड स्टेट इन द लाइट ऑफ़ द कोविड एपिडेमिक" के मुख्य बिंदु

  • कोविड-19 के चलते संक्रमण से पहले की अवधि की तुलना में भारत की जीडीपी के लगातार नीचे जाने के अनुमान हैं। पिछले 15 से 20 वर्षों में, आर्थिक विकास की दर बिजली की मांग की वृद्धि दर के साथ निकटता से जुड़ी रही है। ऐसे में यह मान लेना सही है कि कोविड-19 के बाद धीमी आर्थिक वृद्धि का असर बिजली की मांग में वृद्धि को भी धीमा करेगा।
  • टेरी की रिपोर्ट के अनुसार, 10 सबसे बड़े बिजली खपत वाले राज्यों में, 2025 के लिए बिजली की मांग सामान्य दौर की तुलना में कोविड-19 के बाद 5-15 फीसदी कम हो जाएगी।
  • इस सब के परिणामस्वरूप, नीति-निर्माताओं, उत्पादकों, बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम), और निवेशकों को ऐसे भविष्य के लिए तैयार करना होगा जहां बिजली की मांग में लगातार कमी आएगी। ख़ास तौर पर बिजली वितरण कंपनियों की सेहत और पहले से चली आ रही क्रॉस-सब्सिडी जैसे मुद्दे कॉमर्शियल और औद्योगिक मांग में आए ठहराव के परिदृश्य के बीच कहीं अधिक अहम हैं।

टेरी ने इस रिपोर्ट की परिकल्पना एक ऐसे सार्वजनिक डेटासेट के रूप में की है जिसका उपयोग नीति-निर्माताओं, व्यवसायों और जानकारों द्वारा मध्यावधि में बिजली की मांग के संभावित परिणामों को समझने के लिए किया जा सकता है। संपूर्ण डेटासेट रिपोर्ट के साथ उपलब्ध है।

इन दो रिपोर्ट को एनर्जी ट्रांसिशन्स कमीशन (ETC) भारत द्वारा तैयार की गया है, यह नई दिल्ली में टेरी मुख्यालय पर आधारित एक अनुसंधान मंच है। यह वैश्विक ईटीसी का भारतीय अध्याय है, जिसके सह-अध्यक्ष टेरी के महानिदेशक डॉ अजय माथुर और लॉर्ड अडेयर टर्नर हैं।

इस मंच का उद्देश्य भारत में ईटीसी सदस्यों, प्रमुख नीति निर्माताओं और प्रौद्योगिकी विकल्पों से संबंधित अन्य लोगों के बीच गहन और सूचित चर्चाओं के माध्यम से भारत में कम कार्बन तरीकों को अपनाना है।

टेरी के बारे में

एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट यानि टेरी एक स्वतंत्र, बहुआयामी संगठन है जो शोध, नीति, परामर्श और क्रियान्वयन में सक्षम है। संगठन ने लगभग बीते चार दशकों से भी अधिक समय से ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में संवाद शुरू करने और ठोस कदम उठाने का कार्य किया है।

संस्थान के शोध और शोध-आधारित समाधानों से उद्योगों और समुदायों पर परिवर्तनकारी असर पड़ा है। संस्थान का मुख्यालय नई दिल्ली में है और गुरुग्राम, बेंगलुरु, गुवाहाटी, मुंबई, पणजी और नैनीताल में इसके स्थानीय केंद्र और परिसर हैं जिसमें वैज्ञानिकों, समाजशास्त्रियों, अर्थशास्त्रियों और इंजीनियरों की एक बहु अनुशासनात्मक टीम कार्यरत है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
TERI – Shweta: Shweta.singh@teri.res.in
Edelman – Rakhi Aurora: rakhi.aurora@edelman.com

TERI logo

Related Content

Tags
Energy transitions
Renewable energy
Decarbonisation
Low-carbon economy
Themes
This block is broken or missing. You may be missing content or you might need to enable the original module.