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हमें बहुपक्षवाद में नयी जान फूंकनी होगी : विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन (डब्लूएसडीएस) 2022 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष और मालदीव के विदेश मंत्री श्री अब्दुल्ला शाहिद

Press Release |
February 28, 2022

नई दिल्ली, फरवरी 18, 2022: शुक्रवार को नई दिल्ली में विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन (डब्लूएसडीएस) 2022 में बहुपक्षवाद की ज़ोरदार वकालत करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष और मालदीव के विदेश मंत्री श्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि अलगाववाद का युग बहुत पहले समाप्त हो चुका है।

"हमारा ग्रह नहीं, हम नाजुक हैं" : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्‍व सतत विकास शिखर सम्‍मेलन में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए किया वैश्विक गठबंधन का आह्वान

Press Release |
February 28, 2022

नई दिल्‍ली, फरवरी 16, 2022: जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए समन्वित वैश्विक कार्यवाही पर बल देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पर्यावरणीय सततता केवल जलवायु न्‍याय के माध्‍यम से ही प्राप्‍त की जा सकती है। "सफल जलवायु कार्यवाही के लिए पर्याप्‍त धन की भी आवश्‍यकता है। इसके लिए विकसित देशों को वित्‍त और प्रौद्योगिकी हस्‍तांतरण की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किये जाने की ज़रूरत है, "नई दिल्‍ली में बुधवार को आयोजित विश्‍व सतत विकास शिखर सम्‍मेलन 2022 (वर्ल्‍ड सस्‍नटेनेबल डेवलपमेंट समिट, डब्‍ल्यूएसडीएस) को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा।

स्थिरता और लाभप्रदता के लिए भारतीय कृषि को कुशल बनाना

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January 10, 2022

भारत को खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ साथ अपने विविध कृषि क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के कुशल उपयोग और भूमि उपयोग प्रणालियों की स्थिरता सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है। इसे प्राप्त करने का अर्थ होगा नवाचार, विविधीकरण, व्यावसायीकरण, स्थिरता और मूल्य श्रृंखला में वृद्धि की दक्षता को आगे बढ़ाने के लिए क्षमताओं और कौशल का निर्माण करना।

NMCG और TERI जल पुन: उपयोग पर अपनी तरह का पहला उत्कृष्टता केंद्र लॉन्च करने के लिए एक साथ आए

Press Release |
December 24, 2021

नई दिल्ली, 24 दिसंबर: शुक्रवार, 24 दिसंबर को नई दिल्ली टेरी मुख्यालय में "द सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ऑन वॉटर रीयूज़” को लॉन्च किया गया, जोकि अपनी तरह का देश का पहला सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस होगा। इसे नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार और द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट (टेरी) के द्वारा लॉन्च किया गया।

वायु प्रदूषण - 6 जिलों में बच्चों की सेहत

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December 23, 2021

छह अलग-अलग जिलों - पूर्वी दिल्ली, लुधियाना, पंचकुला, पटियाला, जैसलमेर और विशाखापत्तनम में हवा की गुणवत्ता पर टेरी के अध्ययन के मुख्य बिंदु:

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रचना - तनुजा मेहता लेखक - कन्हैया लाल

भारत में रेशम उद्योग: इंडियन क्वीन ऑफ़ टेक्सटाइल्स की चमक की कहानी

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December 20, 2021

इस लेख में, लता विश्वनाथ भारत में रेशम उत्पादन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करती हैं। इस उद्योग ने विभिन्न मंत्रालयों के आपसी सहयोग से धन प्राप्त किया है और किसानों को स्थायी आजीविका दी है, विशेष रूप से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और बिहार राज्यों में हाशिए के समुदायों की महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें स्थायी आजीविका दी है। वह यह भी कहती हैं कि भारत सरकार का पूर्वोत्तर राज्यों में रेशम उद्योग के विकास पर विशेष ध्यान है।

ग्रीन रिकवरी के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों और हरित प्रौद्योगिकियों की क्षमता का आकलन करने की आवश्यकता: श्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री

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December 13, 2021

10 दिसंबर, नई दिल्ली: GRIHA कॉउंसिल के वार्षिक फ्लैगशिप प्रोग्राम, GRIHA इवेंट 2021 में बोलते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन और श्रम और रोजगार मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण नीतियां भारत की विकास रणनीति के मुख्य आधार रही हैं।"

जलवायु वित्त पर पारदर्शिता और सहयोग भविष्य में निर्माण के क्षेत्र हैं: टेरी की उच्च स्तरीय चर्चा में COP वार्ताकार

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December 10, 2021

10 दिसंबर, नई दिल्ली: शुक्रवार को नई दिल्ली में द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्यों ने माना कि हाल ही में संपन्न हुए COP26 में भारत ने जलवायु वित्त पर पारदर्शिता के साथ-साथ विकसित देशों से दीर्घकालिक वित्तीय सहायता सहित अपनी चिंताओं को सफलतापूर्वक रखा।

सम्मेलन के एक महीने बाद आयोजित 'डीमिस्टिफाइंग COP26: की टेकअवे एंड फ्यूचर रोडमैप फॉर इंडिया' पर चर्चा में केंद्रीय वित्त मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के साथ-साथ पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सदस्यों ने भाग लिया।

दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए अधिक कठोर क्षेत्रीय और स्थानीय कार्रवाई की आवश्यकता: टेरी स्टडी

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December 9, 2021

9 दिसंबर, 2021: राजधानी की ख़राब होती हवा के बीच, द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) की एक नयी स्टडी बताती है कि कैसे पीएम2.5 कंसन्ट्रेशन्स को कम किया जा सकता है साथ ही भविष्य के विभिन्न परिदृश्यों के मॉडल को भी प्रस्तुत करती है। 'Cost-effectiveness of interventions for control of air pollution in Delhi' शीर्षक वाली ये स्टडी ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रॉपीस द्वारा समर्थित है और इसे गुरुवार, 9 दिसंबर को जारी किया गया। यह स्टडी कई हस्तक्षेपों की लागत-प्रभावशीलता का आकलन करती है और पीएम 2.5 कंसन्ट्रेशन्स में कमी लाने के तरीकों पर बात करती है।

प्रकृति संरक्षण - टेरी ने जीता पाथफाइंडर पुरस्कार

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November 25, 2021
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