हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन रिपोर्टिंग के लिए मीडिया फ़ेलोशिप (बैच 2: जनवरी-जून 2021)

25 Nov 2020 10 Dec 2020
Mr Sumit Bansal
Online

द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट (टेरी) और अर्थ जर्नलिज्म नेटवर्क डिजिटल, प्रिंट और रेडियो पत्रकारों, वॉयस आर्टिस्ट, डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता, वीडियो ब्लॉगर, ग्राफिक आर्टिस्ट आदि को छह महीने की मीडिया फ़ेलोशिप प्रदान कर रहे हैं। जनसंचार के अन्य माध्यमों से जुड़े हुए लोग भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। भारत, नेपाल और भूटान में हिमालयी क्षेत्र के आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

Media Fellowship

फ़ेलोशिप का लक्ष्य जलवायु परिवर्तन संचार पर फ़ेलोज़ की समझ को व्यापक बनाना और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मल्टीमीडिया कहानियों का उत्पादन करने के उद्देश्य से उनके कौशल को बढ़ाना है। यह पूरी तरह से ऑनलाइन कार्यक्रम है। फ़ेलोज़ को जलवायु विज्ञान, नीति और संचार विशेषज्ञों के साथ बातचीत करनी होगी। वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा उनका मार्गदर्शन किया जाएगा और उनके प्रदर्शन का आकलन कहानियों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें मौलिक कार्य और हिमालयी क्षेत्र की रिपोर्टिंग शामिल है।

इस मीडिया फ़ेलोशिप कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य जलवायु परिवर्तन पर संचारकों का एक हिमालय समूह बनाना है जो लंबी अवधि में बेहद अहम और असुरक्षित हो रहे पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी पर्यावरण संबंधी समस्याओं और समाधानों को बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे।

प्रशिक्षण समय सीमा जनवरी-जून 2021 से है।

अधिक जानने के लिए, लिंक पर जाएं https://thebulbul.org/

योग्यता

  • किसी भी पेशेवर, क्षेत्रीय या राष्ट्रीय मीडिया संगठन में या स्वतंत्र रूप से 3 साल का अनुभव (वांछनीय लेकिन आवश्यक नहीं) ।
  • प्राथमिक रूप से (आवश्यक नहीं) हिमालय क्षेत्र में स्थित हो। महिलाओं, मूलनिवासी अल्पसंख्यक समूहों, स्थानीय लोगों, विकलांग लोगों के साथ-साथ 30 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • भारत, नेपाल, या भूटान का नागरिक हो।
  • हिमालयी क्षेत्रों पर रिपोर्टिंग का अनुभव हो।
  • अग्रेजी या हिंदी भाषा में बोलने और लिखने की कुशलता हो।

चयन

चयन समिति के साथ आवेदक एक-एक साक्षात्कार के लिए उपस्थित होंगे। उन्हें निम्नलिखित प्रविष्टि के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा –

  • र्यावरण रिपोर्टिंग के दो बाय-लाइन सैम्पल जो प्राथमिक रूप से नए मीडिया- डिजिटल, रेडियो और टेलीविजन माध्यम में आई हों। क्षेत्रीय भाषा में लिखे गए सैम्पल अंग्रेजी में सारांश के साथ प्रस्तुत करें।
  • आप इस फ़ेलोशिप का हिस्सा क्यों बनना चाहते हैं? इस पर दो मिनट के वीडियो में बताएं।

अपेक्षाएं

  • ऑनलाइन डिज़ाइन किए गए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस फ़ेलोशिप के लिए आवेदन करने के लिए 4 जी कनेक्टिविटी और मानक लैपटॉप / डेस्कटॉप होना आवश्यक हैं।
  • फेलो को हर सप्ताह न्यूनतम 4 - 5 घंटे के लिए ऑनलाइन अपने प्रशिक्षकों के साथ जुड़ना होगा।
  • इसके अतिरिक्त, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर मल्टीमीडिया स्टोरीज (फ़ेलोशिप की शुरुआत में पूर्व में तय की जाने वाली कहानियों की संख्या) प्रस्तुत करने लिए समय देने की आवश्यकता होगी। इन कहानियों को प्रस्तुत करने के लिए आवेदकों को एक छोटी सहायता राशि भी दी जाएगी।
  • फेलोशिप के तहत उत्पादित सभी कहानियों को क्रिएटिव कॉमन्स एट्रिब्यूशन- नो डेरिवेटिव्स 4.0 इंटरनेशनल के तहत लाइसेंस दिया जाएगा। फ़ेलोज़ अपनी कहानियों को स्वयं प्रकाशित करने या अपनी पसंद के किसी भी विश्वसनीय मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पहले (व्यावसायिक या समर्थक-मुक्त) प्रकाशित करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

आवेदन कैसे करें

इच्छुक पत्रकार 10 दिसंबर, 2020 तक अपनी प्रस्तुतियां भेजने के लिए इस फॉर्म को भर सकते हैं। फॉर्म भरने में किसी तरह की समस्या आने पर, सुमित बंसल को sumit.bansal@teri.res.in पर संपर्क करें।

Contact Details

Mr Sumit Bansal
Project Coordinator
Digital Media
Email: sumit.bansal@teri.res.in

Tags
Climate change
Climate science
Himalayan ecosystems
Media Fellowship

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